DAINIKMAIL सियासत ए जालंधर... पुलिस सिस्टम में चल रही है जबरदस्त पालीटिक्स, एडीसीपी वन, टू , हैडक्वार्टर और इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी के पद पर मर्जी के अफसर लगवाने को चल रहा है खेल, पढ़े किसको कहां एडजस्ट करने की हो रही है कवायद

By जालंधर Published on 2017-05-16 08:51:32.

निखिल शर्मा, (जालंधर) कैप्टन सरकार आने के बाद जालंधर पुलिस कमिश्नरेट में ऐसी सियासत चल रही है जो आज तक कभी नहीं हुआ. डीजीपी अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर कैप्टन के दिशा निर्देश पर बिना सियासी दबाव के अफसरों को पोस्टिंग कर रहे हैं मगर निचले स्तर पर पोलीटिकल प्रेशर इन आदेशों को रोक रहा है. हैरानी की बात है डीजीपी से लगा रहे हैं उसे संबधित शहरों के अफसर मान नहीं रहे है. जालंधर के एडीसीपी वन लगाए गए प्रवीण कंडा को चार्ज नहीं लेने दिया जा रहा जबकि जालंधर पुलिस की वेबसाइट उन्हें एडसीपी वन बता रही है. एडीसीपी इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी रविंदर पाल सिंह संधू को फगवाड़ा में चार्ज न लेने देने के लिए एक मंत्री का दबाव है. उन्हें जालंधर से रिलीव ही नहीं किया जा रहा जबकि जालंधर पुलिस की वेबसाइट के मुताबिक फगवाड़ा के एसपी हरविंदर सिंह चार्ज ले चुके है. हकीकत यह है कि न तो फगवाड़ा से एसपी हरविंदर रिलीव हुए न जालंधर से संधू. यही नहीं जालंधर की एडीसीपी टू आईपीएस सुदरविजी को इस पद से हटाने के लिए जबरदस्त सियासत चल रही है. उन्हें एडीसीपी हेडक्वार्टर लगाने की तैयारी की जा चुकी है क्योंकि आईपीएस महिला अमनीत कौॆडल छुट्टी पर जा रही है. एडीसीपी टू के पद पर एच एस परमार को लगाने की तैयारी हो रही है.एडीसीपी वन के पद पर जसवीर राय को लगाने पर जोर लगा है. इस सूची को फाइनल करने के लिए अफसरों की एक लाबी और कुछ नेता जोर लगा रहे हैं, मगर सीएम हाउस से ग्रीन सिग्नल नहीं मिल रहा है. चर्चा यह भी है कि जारी लिस्ट के अफसरों को दबाव में चार्ज न देना पड़े क्योंकि नए मर्जी के अफसरों को लाना है इसलिए एक बड़ा अफसर छुट्टी पर चला गया है. रही सही राजनीति डीसीपी राजिंदर सिंह को लेकर हो रही है. एक विधायक को काबिल अफसर राजिंदर सिंह का जालंधर में तैनात होना अखर रहा है. जबकि एक बात साफ है जालंधर पुलिस की पूरी टीम में राजिंदर सिंह ही एक मात्र अफसर है जिन्हें जालंधर का पुराना और ठोस अनुभव है. खैर, अब देखना यह होगा कि डीजीपी के आदेशों पर तैनात अफसरों का तबादला रद्द करवा लोकल अफसर और पोलाटिशयन अपनी मर्जी का अफसर तैनात करवा पाते है या नहीं.