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DAINIKMAIL CITY POLITICS सांपला के पावरफुल होने से जालंधर वेस्ट की सियासत में हो सकता है बड़ा उलटफेर,  मोहिंदर भगत के लिए मुश्किल होगी टिकट की राह, मिलिए भाजपा,वेस्ट के तीन दिग्गज दावेदारों से 

Published on 26 Feb, 2021 12:33 PM.

दैनिकमेल, जालंधर 
2022 पंजाब की सियासत के लिए एक एहम साल होने  जा रहा है और पंजाब में चुनावी अखाडा अभी से सजने लगा है. इस माहौल की शुरुआत में ही भाजपा ने पूर्व मंत्री विजय सांपला को केबिनेट रैंक दे सुपर पावर बना दिया है. विजय सांपला कभी वेस्ट की सियासत के प्रमुख नेता रहे है. विजय सांपला के पावरफुल होते ही जालंधर वेस्ट में भाजपा की सियासत का नया दौर शुरू हो गया है. इस माहौल में भाजपा नेता मोहिंदर भगत के लिट्ये इस बार वेस्ट की टिकट लाना आसान टास्क नहीं होगा क्योकि पिछले चुनाव में मोहिंदर भगत को करारी हार मिली थी और उसके बाद पिछले चार सालो से उन्होंने वेस्ट में मुद्दों की सियासत  वेस्ट में विपक्ष लगभग खत्म हो गया. इस हालत में वेस्ट में यदि मोहिंदर भगत का टिकट कटता  है तो भाजपा पेच वरेश  मिंटू और शीतल अंगुराल  के बीच फसेगा। 

‘सरनेम’  से नहीं अनुभव से मिलेगी टिकट 

2022 मिशन की शुरुआत भले ही अभी आधिकारिक रूप से भाजपा ने शुरू नहीं की है मगर भाजपा की शीर्ष लीडरशिप ने एक फैसला लिया है की पैराशूट नेताओ और रिश्तेदारी वाले नेताओ को टिकट नहीं मिलेगी। चुनावी माहौल में दिग्गज नेताओ के रिश्तेदार और दूसरी पार्टिओ से आये नेता खुद को टिकट का दावेदार समझने लगते है मगर भाजपा शीर्ष ने यह फैसला लिया है की केवल सरनेम से टिकट नहीं मिलेगा टिकट मांगने वाले कार्यकर्त्ता की भाजपा में काम करने की अवधि का स्टेटस भी देखा जाएगा। इस लिए इस एंगिल से  भाजपा के लिए जालंधर वेस्ट में मोहिंदर भगत के मुकाबले में वरेश  मिंटू और शीतल अंगुराल का नाम ही प्रमुख है.


वरेश  मिंटू पर विचार क्यों? 
भाजपा इस सीट पर यदि अतीत के फार्मूले से चलेगी तो उसे भगत भाईचारे  केंडिडेट देना होता है. इस सूरत में पहले मोहिंदर भगत के बाद कीमती भगत का नाम था मगर कीमती भगत पार्टी छोड़ अकाली दल में चले गए है. ऐसे में वरेश  मिंटू  ऐसे केंडिडेट है जो भगत भाईचारे से है और इसके साथ साथ उन्होंने निगम चुनाव में कांग्रेस बकी सरकार के बावजूद जालंधर वेस्ट के विधायक रिंकू के सबसे करीबियों में से एक मेजर सिंह को हरा दिया था. इसके बाद वो पिछले चार साल से जालंधर वेस्ट में साथी  
पार्षदों के साथ मिल वेस्ट के मुद्देउठाते रहे है.


शीतल अंगुराल  प्रमुख दावेदार क्यों

शीतल अंगुराल पिछले बीस साल से परिवार समेत भाजपा की सियासत में सक्रीय है. भगत चुनी लाल और मोहिंदर भगत के चार चुनाव सँभालने का अनुभव उन्हें रहा है और उनके चुनावों में प्रमुख प्रबंधक की भूमिका निभाते रहे है. विधायक रिंकू के खिलाफ मोर्चा खोलने में वो सबसे आगे रहे है. इसके अलावा उनके भाई विधायक रिंकू से पार्षद चुनाव में २०० से भी कम वोट से हारे थे और करीब 4900 वोट वो हासिल कर गए थे. इसके अलावा वो युवा चेहरा है और भाजपा  वेस्ट में भाजपा का सबसे प्रसिद्ध चेहरा है. इसके अलावा वो यूथ है और यूथ ब्रिगेड इनके साथ है.इसके अलावा अंगुराल लम्बे समय तक sc  मोर्चा पंजाब के महामंत्री रहे है और वर्तमान में भाजपा sc  मोर्चा की राष्ट्रिय कार्यकारिणी के सदस्य भी है. सबसे बड़ा फायदा यह है की वो सांपला के सबसे करीबियों में से एक है और उन्होंने सांपला के साथ तब भी स्टैंड रखा जब पार्ट्री ने उनसे प्रमुख पद छीन लिए थे. यही वजह रही की सांपला को अब जब sc  कमीशन का चेयरमैन बनाया गया तो सांपला चार्ज लेते वक्त उन्हें दफ्तर में भी साथ लेकर गए जहा सिर्फ सांपला के परिवार के लोग और भाजपा के दिग्गज मंत्री उपस्थित थे. इससे साफ़ है की आने वाले समय में शीतल अंगुराल के अनुभव के साथ साथ सांपला के साथ नजदीक उन्हें टिकट दिलाने में प्रमुख योगदान अदा कर सकती है.


 


 

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