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DAINIKMAIL CITY ALERT महिला पत्रकार पर हमले में कानूनी लड़ाई लड़ेगा मीडिया यूनिटी फ्रंट, 9 सदस्यीय फ्रंट को दिए अधिकार

By जालंधर

Published on 12 Aug, 2017 07:11 PM.

जालंधर में महिला पत्रकार रागिनी ठाकुर पर पार्षद सुरिंदर कौर की तरफ से दर्ज करवाई गई एफआईआर के मामले में कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए मीडिया युनिटी फ्रंट का गठन किया गया है. शनिवार को पत्रकारों ने इस फ्रंट के गठन का एलान किया. रागिनी ठाकुर मामले में कानूनी लड़ाई लड़ने, किसी भी तरह की रणनीति बनाने का अधिकार फ्रंट के पास रहेगा. फ्रंट में पत्रकारों की संस्था प्रेस क्लब, एमा और पेमा समेत सभी संगठनों से नौ सदस्य लिए गए हैं. प्रेस क्लब से संजीव टोनी, इलैक्ट्रानिक मीडिया एसोसिएशन (एमा) से सुनील रुद्रा, निखिल शर्मा, प्रिंट एंड इलैक्ट्रानिक मीडिया एसोसिएशन (पेमा) से राजेश टिंकू पंडित, अश्विनी खुराना, सुक्रांत सफरी, रागिनी ठाकुर, राजेश शर्मा और राजीव शर्मा को लिया गया है. इस मौके पर मीडिया युनिटी फ्रंट को महिला पत्रकार रागिनी ठाकुर पर लगी गलत धारा 452 हटवाने पर बधाई भी दी गई. पहली बार सभी बड़े मीडिया संगठनों के सदस्य एक फ्रंट पर आगे आए और कानूनी तथ्यों के साथ न सिर्फ गलत धारा हटवाई बल्कि पुलिस भी फ्रंट के तथ्यों से सहमत हुई कि पार्षद सुरिंदर कौर के घर में पत्रकार जबरदस्ती नहीं घुसे थे. महिला पत्रकार रागिनी ठाकुर ने कहा कि उनके साथ हुई धक्केशाही में मीडिया युनिटी फ्रंट ने न सिर्फ आरोपियों पर केस दर्ज करवाया बल्कि गलत धारा भी हटवाई. उन्होंने कहा कि इस केस में किसी भी आफिसर या पोलीटिशयन से बैठक का अधिकार वह फ्रंट को दे रही हैं क्योंकि इस फ्रंट में सभी पत्रकार संगठनों के साथी शामिल है जिन्हें समान अधिकार दिए गए हैं. फ्रंट के सदस्य सुक्रांत ने कहा कि यह फ्रंट भविष्य में भी पत्रकारों के साथ होने वाली धक्केशाही के मामलों में एकता के साथ जीत हासिल करेगा.
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