DAINIKMAIL CITY मिसाल: जालंधर की आईपीएस महिला सुदरविजी कैसे बने आईपीएस, जरूर पढ़े यह प्रेरणा दायक खबर

By जालंधर Published on 2017-10-12 18:54:38.

जालंधर में तैनात आईपीएस सुदरविजी कम समय में जालंधर में जालंधर में पहचान की मोहताज नहीं रही. सबसे पहले जालंधर के थाना पांच में बतौर एसएचओ तैनात हो कर देह व्यापार के तीन बड़े अड्डे पकड़ने के बाद इस आईपीएस की शहर में धाक हो गई थी. इसके बाद ट्रेनिंग पीरियड खत्म हुआ तो वे ट्रेनिंग के लिए हैदराबाद गई. कुछ माह वहां ट्रेनिंग के बाद वह फिर से शहर में एडीसीपी ट्रैफिक के रूप में लौटी और कुछ दिनों में ही उन्हें शहर की सबसे महत्वपूर्ण पुलिस सब डिवीजन टू का एडीसीपी लगा दिया गया. मगर इस आईपीएस महिला को यहां तक पहुंचने में ज्तने पापड़ बेलने पड़े वह महिलाओं के साथ साथ पुरुषों के लिए भी मिसाल है. कांचीपुरम तमिलनाडू की रहने वाली सुदरविजी 2007 बैच की आईपीएस बनी.वह मिडिल क्लास फैमिली से थी और उनके पिता बैंक में नौकरी करते थे. उनका सपना था कि उनकी तीनों बेटियां मुकाम हासिल करे. 21 साल की उम्र में ही सुदरविजी की शादी हो गई. इस दौरान उन्होंने सिविल सर्विसज में आने का फैसला लिया और जब यह घड़ी आई तो उनके पति का एक्सीडैंट हो गया. वह सही हुए तो बेटी को चोट लग गई. पहला प्रयास असफल रहा मगर सुदरविजू ठान चुकी थी. उनके हौसले ने दूसरे प्रयास में उड़ान भरी और वो आईपीएस बनी. सुदरविजी बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ मुहिम की मिसाल है. वह खुद कहती है महिलाओं को भी हर टास्क पूरा करने का हक है और वे सक्षम भी है.