मुख्य समाचार

DAINIKMAIL CITY POLITICS जालंधर में 10 साल सीनियर डिप्टी मेयर रह निर्रविरोध जीतने वाले भाटिया को कांग्रेस से नहीं इस महिला से मिलेगी बड़ी चुनौती

By जालंधर

Published on 21 Oct, 2017 08:06 AM.

जालंधर नगर निगम में वार्डबंदी हो गई है. अब वार्ड 80 हो गए है. इस वार्डबंदी के बाद अब लगातार दस साल तक सीनीयर डिप्टी मेयर रहे और पिछली बार निर्रविरोध जीतने का रिकार्ड बनाने वाले कमलजीत भाटिया को इस बार एक महिला से कड़ी टक्कर मिलने वाली है. दरअसल भाटिया का वार्ड महिला वार्ड हो गया है और इस वार्ड से अब उनकी पत्नी का चुनाव लड़ना संभावित है. भाटिया की पत्नी पहले भी यहां से चुनाव लड़ चुकी है हालांकि उस समय वह कांग्रेस की सुधा जुल्का से हार गई थी. इसके बाद जुल्का परिवार ने वार्ड छोड़ दिया और चुनाव नहीं लड़ा. इस बीच भाटिया ने सीनियर डिप्टी मेयर बनने के बाद इलाके में विकास करवा कर खुद को मजबूत किया. यही वजह रही कि 2012 में कांग्रेस की टिकट लेने वाले वसीका नवीस गुलशन सारंगल को कांग्रेस ने टिकट दी मगर वो चुनाव मैदान ही छोड़ गए और भाटिया को समर्थन दे दिया जिससे भाटिया निर्रविरोध जीते. इसके बाद से भाटिया के वार्ड में कांग्रेस का सूपड़ा लगभग साफ है और कोई भी ऐसा प्रत्याशी नहीं है जो फिलहाल भाटिया को मजबूत टक्कर दे सके. मगर इस बार वार्डबंदी मॆं भाटिया के वार्ड में कांटछांट हुई और उसे महिला वार्ड कर दिया गया है. वार्ड नंबर 45 शास्त्री नगर से लेकर सूर्या विहार नजदीक बर्फ का कारखाना बाग आहलूवालिया डॉ गोयल वाली गली बोर्ड थल्ले, डाकखाना वाली गली डॉ बिशंबर वाली गली भाषा स्कूल वाली गली गोविंद नगर दिलबाग नगर बाबा बालक नाथ मंदिर बस्ती गुजां यह सब इलाके नई वार्डबंदी में आ गए है. इस इलाके से अब पूर्व पार्षद सुनंदा मल्होत्रा चुनावी मैदान में उतरेंगी. आजाद चुनाव लड़ कर पुरुषों के वार्ड में लड़ कर चुनाव जीत चुकी सुनंदा मल्होत्रा ने पिछले चुनाव में वार्ड 44 से चुनाव ल़ड़ा था और कड़ी टक्कर देते हुए दो सौ से भी कम वोटों से हारी थी. इस बार उनका वार्ड एससी रिजर्व हो गया है मगर उनके प्रभाव वाले कुछ इलाके भाटिया के वार्ड में चले गए है. भाजपा नेत्री सुनंदा मल्होत्रा के पति योगेश मल्होत्रा सरकारी नौकरी छोड़ पहले से ही भाटिया के वार्डलमेॆ तैयारी कर रहे थे मगर महिला वार्ड के कारण वह खुद इस वार्ड से नहीं लड़ पायेंगे तो दोनों ने एलान कर दिया है कि सुनंदा मल्होत्रा भाटिया के वार्ड से लड़ेंगी. हालांकि भाटिया का वार्ड अकाली दल के हिस्से में है इसलिए संभावना है कि वह आजाद ही लड़ेंगी. यही नहीं कांग्रेस के पास इस वार्ड में भाटिया के मुकाबले कोई भी मजबूत चेहरा नहीं है जिससे कांग्रेस के लिए भी सुनंदा मल्होत्रा बेहतर विकल्प हो सकती है. चर्चा है कि वह कांग्रेस के पाले में भी जा सकती है. हालांकि भाटिया को चुनौती देना आसान टास्क नहीं है मगर योगेश और सुनंदा मल्होत्रा दोनों ही कांफीडेंट है.
मुख्य समाचार