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DAINIKMAIL BIG BREAKING डीसी इन एक्शन, जालंधर में फिर से 17 कोरोना पाजीटिव, कोरोना से निपटने के लिए जालंधर के डीसी का मास्टर प्लान, कोरनटाइन तोड़ने वालों पर होगा पर्चा, माइक्रो कैंटेनमेंट इलाके के हाई रिस्क लोग बिना कोरोना भी भेजे जायेंगे कोरनटाइन सेंटर, डेविएटन को बनाया नया कोरनटाइन सेंटर

Published on 28 Jun, 2020 06:46 PM.

जालंधर में फिर से कोरोना के 17 केस रविवार को पाजीटिव आने के बाद डीसी घन्श्याम थौरी ने मास्टर प्लान बना लिया है ताकि लोगोंलको कोरोना से बचाया जा सके. एक तो अब कोरनटाइन तोड़ने वालों पर पर्चा होगा इसके साथ ही अब ऐसे लोगों को कोरनटाइन सेंटरों में भेजा जायेगा. यही नहीं अब माइक्रो कैंटेनमेंट जोन में रहने वाली गर्भवती महिलाओं, कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों और बुजुर्गों को भी कोरनटाइन सेंटरों में जाना होगा. डेविएट को नया कोरनटाइन सेंटर बनाया गया है.मुख्यमंत्री पंजाब कैप्टन अमरिन्दर सिंह की तरफ से कोविड -19 महामारी को फैलने से रोकने के लिए शुरू किये गए'मिशन फतेह'के अंतर्गत जिला प्रशासन की तरफ से डी.ए.वी.इंस्टीच्यूट आफ प्रौद्यौगिकी को कुआरंटीन सुविधा घोषित किया गया है।

डिप्टी कमिशनर जालंधर श्री घनश्याम थोरी ने उपमंडल मैजिस्टरेटें को कहा कि जिन लोगों को यहाँ कुआरंटीन किया जायेगा उनके लिए निर्विघ्न प्रबंधों को यकीनी बनाया जाये।

श्री थोरी ने कहा कि डेवीऐट में करीब 106 कमरे अलग -अलग होस्टल में मौजूद हैं जिसे कंटेनमैंट और माईक्रो कंटेनमैंटें जोन के व्यक्तियों को ठहराया जायेगा जब तक उनका रिहायशी इलाका कंटेनमैंट ज़ोन से बाहर नहीं आ जाता। उन्होनें कहा कि कोआरंटीन की यह सुविधा अपने चुनाव (आपशनल) अनुसार होगी और जो व्यक्ति ज़्यादा जोखिम में आते हैं उनको एक देखभाल करने वाले के साथ रहने की आज्ञा दी जायेगी।

  श्री थोरी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ज़रूरी दवाओं की सूची में मौजूद दवाएँ और ओर प्रयोग योग्य चीजें कुआरंटीन सुविधा में सरकार की तरफ से निर्धारित की गई डायगनौस्टिक सेवाओं के साथ उपलब्ध करवाई जाएंगी और डाक्टरी सुविधा की पेशकस की जायेगी।

श्री थोरी ने यह भी कहा कि पुलिस आधिकारियों की तरफ से यहाँ सुरक्षा के पुख़ता प्रबंध किये जाएंगे और किसी को भी कुआरंटीन का समय पूरा होने से पहले यहाँ से जाएँ नहीं दिया जायेगा। श्री थोरी ने यह भी बताया कि कोविड -19 से ज़्यादा प्रभावित होने वाली संवेदनशील उम्र ग्रुप जिन में ज़्यादा बीमार व्यक्ति, 60 साल की उम्र वर्ग के लोग, गर्भवती महिलाएं और वह लोग जिनकी इम्यून स्थिति कमज़ोर है) को कोविड -19 से ज़्यादा बीमार हो सकते हैं में कंटेनमैंट और माईक्रो कंटेनमैंट जोन में जहाँ बहुत संख्या में केस सामने आते हैं वहां मौत को घटाने के लिए कदम उठाए जाने की ज़रूरत है।

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