Gaza में फलस्तीनी आतंकवादियों और Israel के बीच चली जंग हुई खत्म, हिंसा में मारे गए कई लोग

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इजराइल और फलस्तीनी आतंकवादियों के बीच करीब तीन दिन से चल रही हिंसा को खत्म करने के मकसद से रविवार देर रात संघर्ष विराम लागू हुआ। इस हिंसा में फलस्तीन के कई नागरिक मारे गए और हजारों इजराइलियों का जनजीवन प्रभावित हुआ है। इजराइल और हमास के बीच पिछले साल 11 दिन तक चली लड़ाई के बाद इजराइल और गाजा आतंकवादियों के बीच यह सबसे खराब संघर्ष था। मिस्र की मध्यस्थता के बाद रात करीब साढ़े 11 बजे संघर्ष विराम लागू हुआ। संघर्ष विराम शुरू होने से कुछ मिनट पहले तक इजराइल ने हवाई हमले किए।

इजराइल ने कहा कि अगर संघर्ष विराम का उल्लंघन होता है, तो वह इस पर ‘‘कड़ी प्रतिक्रिया’’ देगा। इजराइल ने गाजा में शुक्रवार को हमले शुरू किए थे, जबकि ईरान सर्मिथत फलस्तीनी जिहाद आतंकवादी समूह ने इसके जवाब में इजराइल में सैकड़ों रॉकेट दागे।गाजा पर शासन करने वाला उग्रवादी समूह हमास इस संघर्ष से किनारा करता दिखाई दिया। इजराइल ने शुक्रवार को इस्लामिक जिहाद के एक नेता को मार गिराया था तथा शनिवार को दूसरे प्रमुख नेता को निशाना बनाया।

इस्लामिक जिहाद का दूसरा कमांडर खालिद मंसूर शनिवार देर रात दक्षिण गाजा में राफाह शरणार्थी शिविर में हवाई हमले में मारा गया। गाजा पट्टी में रविवार को उसका अंतिम संस्कार शुरू होने पर इजराइली मंत्रलय ने कहा कि वह ‘‘इस्लामिक जिहाद की संदिग्ध रॉकेट प्रक्षेपण चौकियों’’ पर हमला कर रहा है। इजराइली सेना ने कहा कि शनिवार देर रात फलस्तीनी आतंकवादियों द्वारा दागा गया रॉकेट उत्तरी गाजा के जबालिया शहर में ही गिर गया, जिससे बच्चों समेत कई लोगों की मौत हो गई। रविवार को जेबालिया के इसी इलाके में एक घर पर प्रक्षेपा गिरा, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई।

फलस्तीन ने इजराइल को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है जबकि इजराइल का कहना है कि वह यह जांच कर रहा है कि क्या निशाना चूकने की वजह से रॉकेट इसी इलाके में गिरा। इजराइल के रक्षा मंत्रलय ने कहा कि गाजा से दागे गए मोर्टार इजराइल में एरेज सीमा चौकी पर गिरे, जिसका इस्तेमाल हजारों गाजा निवासी रोज करते हैं। इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने इजराइल और गाजा स्थित आतंकवादियों के बीच संघर्ष विराम का स्वागत किया।

उन्होंने एक बयान में कहा, कि ‘बीते 72 घंटों में अमेरिका ने इजराइल, फलस्तीन प्राधिकरण, मिस्र, कतर, जॉर्डन और अन्य देशों के अधिकारियों के साथ काम किया ताकि इस संघर्ष का त्वरित समाधान निकाला जा सकें।’’ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का इस हिंसा पर आज यानी सोमवार को एक आपात बैठक करने का कार्यक्रम है।

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